Monday, 2 November 2026हमीरपुर • उत्तर प्रदेश • भारत
BREAKING
हमीरपुर और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें
देश

BRICS Summit 2026: भारत में मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली में जुटेंगे दुनिया के बड़े नेता

**नई दिल्ली:** भारत में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आगाज हो गया है। 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है।

BRICS Summit 2026 में क्यों है इतनी चर्चा?

इस बार BRICS सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, युद्ध, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भारत सम्मेलन के जरिए BRICS को विकास, आर्थिक सहयोग और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं से जोड़ने पर जोर दे रहा है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी हुई है। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।

करीब 7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा भी इस सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण है। जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। उनकी यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

BRICS के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत की भी उम्मीद है। दोनों देशों के बीच सीमा और व्यापार से जुड़े मुद्दों के बावजूद हाल के समय में संबंधों को संभालने की कोशिशें हुई हैं।

BRICS की आर्थिक ताकत कितनी बड़ी है?

BRICS अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण उभरते आर्थिक समूहों में शामिल है। 2026 के अनुमान के अनुसार, क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर BRICS देशों का वैश्विक GDP में हिस्सा करीब **41 प्रतिशत** है, जबकि G7 का हिस्सा लगभग **28 प्रतिशत** बताया गया है।

हालांकि BRICS की आर्थिक ताकत का बड़ा हिस्सा चीन और भारत से आता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चीन BRICS की अर्थव्यवस्था में करीब 48.5 प्रतिशत और भारत करीब 20.7 प्रतिशत योगदान करता है।

इसलिए BRICS की आर्थिक क्षमता को अमेरिका से सीधे “तीन गुना” बताने के बजाय यह कहना अधिक सटीक है कि **PPP के आधार पर BRICS का वैश्विक आर्थिक वजन अमेरिका-केंद्रित G7 से काफी बड़ा हो चुका है।**

20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी

नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा पार्टनर और आउटरीच देशों के प्रतिनिधियों की भी मौजूदगी है। चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, मिस्र, इंडोनेशिया और अन्य देशों के प्रमुख नेता सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।

इसके अलावा बेलारूस, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, क्यूबा, नाइजीरिया, उज्बेकिस्तान और युगांडा जैसे देशों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।

 किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

BRICS Summit 2026 में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख रूप से:

* वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग

* खाद्य सुरक्षा

* ऊर्जा सुरक्षा

* सप्लाई चेन की स्थिरता

* ग्लोबल साउथ के विकास की प्राथमिकताएं

* डिजिटल और तकनीकी सहयोग

* अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था

* वैश्विक शांति और सुरक्षा

* स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और भुगतान व्यवस्था

भारत BRICS को किसी एक देश या गुट के खिलाफ गठबंधन के रूप में पेश करने के बजाय विकास और बहुपक्षीय सहयोग के मंच के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर पर दुनिया की नजर

नई दिल्ली में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की एक साथ मौजूदगी को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक हित हैं, लेकिन भारत-चीन और रूस-पश्चिम संबंधों से जुड़े कई जटिल मुद्दे भी हैं।

ऐसे में BRICS Summit 2026 सिर्फ एक आर्थिक सम्मेलन नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक शक्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

 भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है BRICS Summit?

भारत के लिए यह सम्मेलन अपनी कूटनीतिक भूमिका को मजबूत करने का अवसर है। एक तरफ भारत अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंध बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर रूस और चीन जैसे देशों के साथ भी संवाद और सहयोग जारी रखता है।

नई दिल्ली की कोशिश BRICS के भीतर अलग-अलग देशों के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए आर्थिक सहयोग और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने की है।

**निष्कर्ष:**

BRICS Summit 2026 में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मौजूदगी ने सम्मेलन को वैश्विक स्तर पर खास बना दिया है। आने वाले दिनों में इस सम्मेलन से निकलने वाले फैसले व्यापार, ऊर्जा, वित्त और ग्लोबल साउथ की राजनीति पर असर डाल सकते हैं।