अभी उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार सत्य निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत और 12 लोगों के रेस्क्यू

की पुष्टि हुई है, लेकिन रेस्क्यू/सर्च ऑपरेशन पूरी तरह खत्म होने की पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए वेबसाइट पर “रेस्क्यू खत्म” लिखने के बजाय “रेस्क्यू ऑपरेशन जारी” लिखना ज्यादा सही रहेगा। ([Moneycontrol][1])
दिल्ली के सत्य निकेतन में दर्दनाक हादसा: 7 लोगों की मौत, 12 रेस्क्यू; मलबे में जारी रही जिंदगी की तलाश
नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। ([Moneycontrol][1])
रविवार दोपहर अचानक ढह गई थी इमारत
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन की यह इमारत लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) आवास के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी पांच मंजिला ढांचा अचानक भरभराकर गिर गया। ([The New Indian Express][2])
मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटीं कई एजेंसियां
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और अन्य राहत एजेंसियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई। ([WeRIndia Hindi][3])
NDRF के मुताबिक, अभी मलबे में कितने लोग फंसे हो सकते हैं, इसका कोई निश्चित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। एक व्यक्ति को मलबे से निकालने की कोशिश भी जारी थी। ([Public Tv English][4])
बिल्डिंग मालिक पर कार्रवाई, MCD अधिकारियों पर भी गिरी गाज
हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया। सोमवार को दिल्ली सरकार ने लापरवाही के आरोपों के बीच MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया। मामले की मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए गए हैं। ([DT Next][5])
आसपास की इमारतों की सुरक्षा पर भी सवाल
हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा की जांच तेज कर दी है। MCD ने अवैध और असुरक्षित निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने दिल्ली में छात्रों के लिए संचालित PG और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ([livemint.com][6])
Disclaimer: ऊपर दी गई तस्वीरें घटना के रेस्क्यू ऑपरेशन को दर्शाने वाली समाचार तस्वीरें हैं। वेबसाइट पर प्रकाशित करने से पहले संबंधित फोटो के लाइसेंस/क्रेडिट और उपयोग की अनुमति जरूर जांचें।