मथुरा/वृंदावन, 7 अक्टूबर 2026। संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े वृंदावन के आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। 25 सितंबर को हुई इस मौत की पुलिस जांच के बीच अब CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और आश्रम में रहने वाले साधकों के परिवारों से संपर्क से जुड़े सवाल भी सामने आ रहे हैं। मृतक के परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्टों के अनुसार, रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी वृंदावन के गुरु कृपा कुंज परिसर में रहते थे। 25 सितंबर की सुबह उनकी चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में आत्महत्या के एंगल से भी मामले की जांच शुरू की थी। बाद में सामने आए CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के कारण घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठे।
पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक मृतक के कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर भी बरामद हुआ था, जिसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
नए CCTV फुटेज से बढ़े सवाल
पिछले कुछ दिनों में घटना से जुड़े अलग-अलग CCTV फुटेज सामने आए हैं। एक फुटेज में दीपक के छत पर जाने और कुछ समय बाद नीचे गिरने की बात सामने आई है। एक अन्य फुटेज में घटना से पहले उनकी गतिविधियां दिखाई देने की रिपोर्ट है।
हालांकि, CCTV फुटेज से घटना के अंतिम कारण का पूरी तरह पता नहीं चलता। पुलिस इसी वजह से अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग और दूसरे सबूतों को जोड़कर घटनाक्रम समझने की कोशिश कर रही है।
परिवार ने उठाए गंभीर सवाल
मृतक के परिजनों ने घटना को लेकर कई सवाल उठाए हैं। 7 अक्टूबर को NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और परिजनों में आश्रम जाने को लेकर भी डर की बात सामने आई है। परिवार की ओर से CBI जांच की मांग किए जाने की रिपोर्टें भी पहले सामने आ चुकी हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
आश्रम की व्यवस्थाओं में भी हुए बदलाव
शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव की खबर सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, 1 अक्टूबर से केली कुंज में दीक्षा कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया और कुछ दर्शन व्यवस्थाएं भी बंद की गईं।
इन बदलावों को आश्रम की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।
आश्रम में मोबाइल और परिवार से संपर्क को लेकर भी सवाल
जांच के दौरान आश्रम में रहने वाले कुछ साधकों के मोबाइल फोन और परिवार से संपर्क को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आश्रम में रहने वाले साधकों का अपने परिवार और पुराने परिचितों से कितना संपर्क था।
इन रिपोर्टों के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
विराट कोहली से जुड़ा ₹5 करोड़ का दावा भी चर्चा में
प्रेमानंद महाराज से जुड़ी खबरों के बीच क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा से संबंधित एक अलग विवाद भी चर्चा में है।
एक व्यक्ति की ओर से दावा किया गया था कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए ₹5 करोड़ दिए गए थे। विराट कोहली की टीम ने इस दावे को बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। कोहली की ओर से कहा गया कि आश्रम जाने के पीछे उनकी व्यक्तिगत आस्था थी और इसे पैसों से जोड़ना गलत है।
इसलिए ₹5 करोड़ से संबंधित दावे को पुष्ट तथ्य नहीं, बल्कि खारिज किया जा चुका दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
अभी जांच में क्या-क्या सामने आना बाकी है?
रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस के सामने मुख्य सवाल हैं—
- घटना से पहले कमरे के अंदर क्या हुआ?
- शरीर पर लगी चोटें किस परिस्थिति में आईं?
- कमरे से मिले उपकरण का घटना से क्या संबंध है?
- CCTV फुटेज में पूरा घटनाक्रम क्या बताता है?
- घटना के समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे?
- फोरेंसिक जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं?
- क्या मौत आत्महत्या थी, दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी?
इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
निष्कर्ष
प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम में शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला फिलहाल जांच के दौर में है। CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी है, जबकि परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर, आश्रम की व्यवस्थाओं में भी हाल के दिनों में बदलाव किए गए हैं।
जब तक पुलिस जांच पूरी नहीं होती, घटना को लेकर सामने आ रहे किसी भी आरोप या सोशल मीडिया दावे को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
Hamirpur News अपने पाठकों से अपील करता है कि इस मामले से जुड़ी अपुष्ट जानकारी या अफवाहों को साझा करने से बचें और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करें।



