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चंद्रशेखर आजाद बोले- BJP के खिलाफ चाहिए बड़ा गठबंधन, 2017 और 2022 के प्रयोग से नहीं बनी बात

बिजनौर में आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और यूपी चुनाव में बड़े गठबंधन पर बयान

बिजनौर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गठबंधन की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो व्यापक स्तर पर गठबंधन की जरूरत होगी।

चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पहले भी अलग-अलग दलों के बीच गठबंधन हुए, लेकिन 2017 और 2022 के राजनीतिक प्रयोग अपेक्षित तरीके से आगे नहीं बढ़ सके। उनके मुताबिक, इस बार विपक्षी दलों को पुराने अनुभवों से सीख लेकर ज्यादा व्यापक स्तर पर साथ आने की जरूरत है।

बड़े गठबंधन की जरूरत पर जोर

बिजनौर में बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से व्यापक विपक्षी एकजुटता की बात करती रही है। उन्होंने कहा कि केवल कुछ दलों के साथ आने से बात नहीं बनेगी, बल्कि चुनावी मुकाबले के लिए एक बड़ा गठबंधन तैयार किया जाना चाहिए।

उन्होंने पिछले गठबंधनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब सहयोगी दल आपस में ही एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते हैं तो गठबंधन को आगे बढ़ाना मुश्किल हो जाता है। चंद्रशेखर ने इसी संदर्भ में विपक्षी दलों से मिलकर चुनाव लड़ने की बात कही।

आजाद समाज पार्टी ने चुनाव की तैयारी तेज की

चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारी कर रही है। उनके अनुसार, पार्टी ने 80 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी नियुक्त किए हैं और इन प्रभारियों को क्षेत्र में काम करने के लिए समय दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पार्टी संगठन और उम्मीदवार की तैयारी संतोषजनक होगी, वहां आगे प्रत्याशी के तौर पर नाम सामने लाए जाएंगे। आजाद ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई वर्षों से जमीनी स्तर पर सक्रिय रही है और अब चुनाव में अपनी राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

SIR को लेकर भी चंद्रशेखर ने उठाए सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने मतदाता सूची से जुड़ी SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग से प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि मतदाताओं के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।

उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए मतदाता सूची में नामों से जुड़े विवाद का उल्लेख किया। हालांकि, ये बातें चंद्रशेखर आजाद के राजनीतिक दावे और आरोप हैं, जिन्हें संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और चुनाव आयोग के पक्ष के संदर्भ में अलग से देखा जाना चाहिए।

2027 से पहले पश्चिमी यूपी में बढ़ रही राजनीतिक हलचल

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पश्चिमी यूपी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। आजाद समाज पार्टी भी लगातार संगठन विस्तार और उम्मीदवारों की तैयारी पर जोर दे रही है।

हाल में पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 42 और विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, इस सूची में 20 अनुसूचित जाति, 13 ओबीसी और 9 मुस्लिम उम्मीदवार शामिल हैं। पार्टी अब तक कुल 87 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषण में यह भी चर्चा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित मतदाताओं के बीच विभिन्न राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी है और आजाद समाज पार्टी भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

2024 लोकसभा चुनाव में नगीना से जीते थे चंद्रशेखर

चंद्रशेखर आजाद ने 2024 लोकसभा चुनाव में नगीना सीट से आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। चुनाव परिणाम के अनुसार उन्हें 5,12,552 वोट मिले थे, जबकि BJP के ओम कुमार को 3,61,079 वोट मिले।

यह चुनाव परिणाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर आजाद की राजनीतिक मौजूदगी के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा था।

गठबंधन पर क्या है चंद्रशेखर का रुख?

चंद्रशेखर आजाद के हालिया बयान से इतना स्पष्ट है कि वे उत्तर प्रदेश में व्यापक विपक्षी गठबंधन की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, किसी संभावित गठबंधन का अंतिम स्वरूप, उसमें शामिल दल और सीटों का बंटवारा अलग-अलग राजनीतिक दलों के फैसलों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दल अपने संगठन को मजबूत करने और सामाजिक एवं राजनीतिक आधार बढ़ाने में जुटे हैं।