नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026: पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय मौसम का एक दुर्लभ घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। समुद्र के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ तीन ट्रॉपिकल सिस्टम सक्रिय हैं। इनमें टाइफून चोई-वान, टाइफून नोलो और ट्रॉपिकल स्टॉर्म कोगुमा शामिल हैं। अक्टूबर के महीने में एक साथ तीन सिस्टम के सक्रिय होने की स्थिति करीब पांच साल बाद देखी गई है।
तीनों तूफानों की अलग-अलग दिशा
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार तीनों सिस्टम एक-दूसरे से काफी दूरी पर हैं और अलग-अलग दिशाओं में बढ़ रहे हैं। चोई-वान जापान के ओगासावारा द्वीपों से दूर उत्तर की ओर बढ़ रहा है, जबकि नोलो पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं, कोगुमा अभी अपेक्षाकृत कमजोर है लेकिन इसके मजबूत होने की संभावना पर नजर रखी जा रही है।
चोई-वान की तेज हवाओं से समुद्र में हलचल
रिपोर्ट के मुताबिक चोई-वान के आसपास लगातार हवाओं की रफ्तार करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की रफ्तार लगभग 198 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। इसके कारण ओगासावारा और इजू द्वीपों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बढ़ सकता है।
नोलो भी बना मजबूत टाइफून
नोलो भी पश्चिमी प्रशांत में सक्रिय मजबूत सिस्टम में शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार इसके आसपास लगातार हवाओं की रफ्तार करीब 162 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की रफ्तार 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई। नोलो की खास बात यह है कि इसका सिस्टम इंटरनेशनल डेट लाइन को पार कर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में पहुंचा।
कोगुमा पर मौसम वैज्ञानिकों की नजर
इन तीनों में कोगुमा सबसे नया सिस्टम है। यह मार्शल आइलैंड्स के आसपास बना और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ इसके आगे और मजबूत होने की संभावना पर नजर बनाए हुए हैं। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार यह सप्ताह के अंत तक टाइफून की ताकत हासिल कर सकता है।
क्या जापान के लिए बड़ा खतरा है?
फिलहाल जापान के मुख्य द्वीपों पर बड़े स्तर के नुकसान का खतरा नहीं बताया गया है। हालांकि ओगासावारा और इजू द्वीपों के आसपास ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं। जापान के प्रशांत तट के कुछ हिस्सों में भी समुद्री हलचल बढ़ने की संभावना है। इसलिए मौसम विभाग इन सिस्टम की दिशा और ताकत पर लगातार नजर रख रहा है।
पांच साल बाद दिखा ऐसा दुर्लभ संयोग
जापान वेदर एसोसिएशन के अनुसार अक्टूबर में पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में एक साथ तीन ट्रॉपिकल सिस्टम का सक्रिय होना करीब पांच साल बाद देखने को मिला है। इस वर्ष पश्चिमी प्रशांत में टाइफून गतिविधि भी सामान्य से अधिक रही है। 6 अक्टूबर तक 2026 में 29 टाइफून दर्ज किए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक यह संख्या करीब 20 के आसपास रहती है।
निष्कर्ष Hamirpur News
पश्चिमी प्रशांत में एक साथ तीन तूफानी सिस्टम का सक्रिय होना मौसम विज्ञान के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। फिलहाल मुख्य चिंता समुद्र में ऊंची लहरों और बदलती तूफानी परिस्थितियों को लेकर है। चोई-वान, नोलो और कोगुमा की दिशा और ताकत में होने वाले बदलाव पर आने वाले दिनों में नजर बनी रहेगी।
